लालची चूहा – हिंदी स्टोरी

आज मै आपको एक स्टोरी बताना चाहती हु | जिसका नाम है लालची चूहा |

 

लालची चूहा

लालची चूहा वो ज्यादा ही लालची होता है इसलिए कोई भी उसे फंसाता है | एक बर एक लालची चूहा घर में टहल रहा था तो उसे मकई की टोकरी दिख गई | एक लालची चूहे ने एक टोकरी को मकई से भरा देखा।

वह इसे खाना चाहता था इसलिए उन्होंने टोकरी में एक छोटा सा छेद बनाया। वह छेद के माध्यम से निचोड़ा हुआ उन्होंने बहुत सारे मकई खाए वह पूरे महसूस किया और बहुत खुश था। अब वह बाहर आना चाहता था उसने छोटे छेद के माध्यम से बाहर आने की कोशिश की वह नहीं कर सका। उसका पेट भरा हुआ था। उसने फिर से कोशिश की लेकिन यह कोई फायदा नहीं था।

लालची चूहे ने रोना शुरू कर दिया। एक खरगोश गुजर रहा था। उसने चूहे का रोना सुना और पूछा, ” मेरे दोस्त तुम क्यों रो रहे हो?” लालची चूहे ने बताया, “मैंने एक छोटा छेद बनाया और मकई खाने के लिए टोकरी में आया। अब मैं उस छेद से बाहर निकलने में सक्षम नहीं हूं। ” खरगोश ने कहा, “यह इसलिए है क्योंकि आप बहुत ज्यादा खा चुके हैं जब तक आपका पेट गिर जाए, तब तक रुको। “खरगोश हँसे और चले गए। लघु कथाएँ – लालची चूहा टोकरी में ही सो गया।

अगली सुबह उसका पेट सिकुड़ गया था। लेकिन वह कुछ और मकई खाना चाहता था। वह सभी टोकरी से बाहर निकलने के बारे में भूल गया। तो उसने मक्का खाया और उसका पेट सचमुच बड़ा बड़ा हो गया। खाने के बाद, माउस को याद आया कि उसे बचाना होगा लेकिन जाहिर है, वह नहीं कर सका तो उसने सोचा, “ओह! अब मैं कल बाहर जाऊंगा। ” दुसरे दिन वहां से बिल्ली गुजर रही थी | तो उसे चूहे की खुशबु आ गई और उसने उस टोकरी के तरफ जेक देखा तो उसमे एक लालची चूहा फसा हुआ था |

बिल्ली मन ही मन में खुश हो गई और टोकरी का ढक्कन उठाके चूहे को खा लिया | आखिर लालची चूहे को अपनी जान गवानी पड़ी | इस कहानी से हमे क्या सिख मिली ? कभीभी लालच नहीं करना चाहिये | जीतना मिलता है उसमे ही समाधान मानना चाहिये |

इसलिए कहते है ……..

[alert-warning]”लालच एक बुरी आदत है “[/alert-warning]

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