हल्दीराम के सफ़लता की कहानी Haldiram’s Success Story In Hindi

Haldiram’s Success Story In Hindi हल्दीराम का नाम तो आपने सुना ही होगा | आज देश में नमकीन की बात हो और जल्दीराम की बात न हो ये तो हो ही नही सकता है | हल्दीराम की नमकीन से लेकर मिठाई तक कई प्रोडक्ट मार्केट में है जिनकी बिक्री बड़े पैमाने पर होती है आज हल्दीराम एक ब्रांड बन चुका है |

Haldiram's Success Story In Hindi

हल्दीराम के सफ़लता की कहानी Haldiram’s Success Story In Hindi

हल्दीराम जैसे बड़े ब्रांड बनने में कड़े संघर्ष से गुजरना ही होता है| जीवन में बिना संघर्ष के हमें कभी सफलता नहीं मिलती है | फर्क सिर्फ इतना है कुछ लोग हार्ड वर्क करते है कुछ लोग हार्ड वर्क के साथ ही स्मार्ट वर्क भी करते है | कोई भी बड़ा व्यापार खड़ा करने में पीढियां भी गुजर जाती है, लेकिन व्यापार की ख़ास बात यह है कि इसकी कोई सीमा नहीं है कि आप कहां तक पहुँच सकते है ? और सबसे बड़ी बात यह है कि व्यापार में हम न सिर्फ रोजगार पाते है बल्कि कई लोगों को रोजगार देते है और देश की अर्थव्यवस्था में विशेष योगदान देते है | चलिए तो हल्दीराम की सफलता और कड़ी मेहनत की इस कहानी के बारे में जानते है | जिससे आपके अंदर भी एक अभिप्रेरणा आये, एक नई सकारात्मकता के साथ आप काम करें |

हल्दीराम की सफलता के पीछे बहुत कड़ी मेहनत छिपी हुई है| दरअसल भारत के एक शहर बीकानेर में एक छोटे से व्यापारी तनसुखदास जी ने भजिया सेव की एक छोटी सी दुकान शुरू की थी जिसके बाद उनके पुत्र गंगाविशन अग्रवाल ने नाश्ते की दुकान शुरू कर दी | लेकिन उनके व्यापार को आगे ले जाने का मुख्य श्रेय तनसुखदास जी के छोटे पुत्र रामेश्वर को जाता है रामेश्वर ने इस छोटे से व्यापार को आगे बढाते हुए कोलकाता में 1937 में हल्दीराम भजिया नाम से एक दुकान शुरू की थी और जिसके बाद उन्होंने लगातार कड़ी मेहनत की और कोलकाता में धीमे – धीमे उनकी दुकान लोकप्रिय होने लगी और बिक्री में भी काफी इजाफा होने लगा था |

इसके बाद 1970 में हल्दीराम का एक बड़ा प्लांट दिल्ली में स्थापित हुआ | और उसके बाद दिल्ली में अन्य प्लांट स्थापित हुआ | 1990 में दिल्ली में हल्दीराम ने एक प्लांट और एक रीटेल स्टोर भी स्थापित किया | 2003 में हल्दीराम ने कनविनियन्स फूड बनाना भी शुरू किया | वर्ष 2014 में ट्रस्ट रिसर्च एडवाइजरी की रिपोर्ट में हल्दीराम भारत के ट्रस्टेड ब्रांड में 55 वें स्थान पर आया | आज हल्दीराम लगभग 110 से भी ज्यादा उत्पादों का निर्माता और विक्रेता है |

आज हल्दीराम के प्लांट नागपुर, कोलकाता, दिल्ली और बीकानेर आदि शहरों में स्थित है | हल्दीराम आज भारत में ही न सिर्फ बल्कि श्री लंका, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, युएई आदि देशो में भी अपनी पहुँच बना चुका है | इस तरह से बीकानेर की एक छोटी सी दुकान देखते देखते एक ब्रांड बन गया है | लगातार इतने वर्षो के कड़े संघर्ष के बाद हल्दीराम ने सफलता का परिचम लहराया है | हल्दीराम देश के 1 करोड़ लोगो को रोजगार देती है |

क्या आप जानते है हल्दीराम पर बैन भी लगाया गया था ?

समय अच्छा और बुरा सभी का आता है हल्दीराम आज जब एक ब्रांड बन गया है और इसके प्रोडक्ट देश के हर जगह और विदेशों में भी उपलब्ध है लेकिन हल्दीराम का भी बुरा समय आया था बात 2015 की है जब हल्दीराम के उत्पादों में कीटनाशक की मात्रा अधिक मात्रा में पाई गयी थी दरअसल अमेरिका के फ़ूड एंड ड्रग ने इसकी पुष्टि की थी जिसके बाद अमेरिका में इस पर बैन लगा दिया था | जिसके बाद हल्दीराम की छवि को नुकसान पहुंचा था लेकिन महाराष्ट्र शासन ने हल्दीराम के विभिन्न प्रोडक्टो की जाँच की थी और हल्दीराम को क्लीनचिट दी थी |

अब जानते है हल्दीराम का टर्नओवर :-

हल्दीराम ने 2018 में 4000 करोड़ को पार किया था | हल्दीराम तीन क्षेत्रों में हल्दीराम कंपनी तीन विभिन्न क्षेत्रों में अपना व्यापार करती है, जिसमें हल्दीराम स्नेक एंड एथनिक फूड, नागपूर बेस्ड हल्दीराम फूड इंटरनेशनल और हल्दीराम भुजिया वाला शामिल है, इन तीनों क्षेत्रों के क्रमशः रेवेन्यू 2136 करोड़, 1613 करोड़ और 298 करोड़ था लेकिन 2020 में हल्दीराम ने एक लाख करोड़ रुपए के टर्नओवर का कीर्तिमान स्थापित किया है। फेडरेशन ऑफ स्वीट एंड नमकीन मैन्युफैक्चरर्स के अध्यक्ष वीरेंद्र जैन ने इस बात की जानकारी दी है कि इस साल कम्पनी के टर्नओवर ने रिकॉर्ड एक लाख करोड़ रुपए का आंकड़ा छू लिया।

निष्कर्ष : आज हल्दीराम ने अपने कड़े संघर्ष से और लगातार खुद में सुधार करते हुए खुद को देश का इतना बड़ा ब्रांड बना दिया है | आज के युवा भी इस तरह से अभिप्रेरित होते हुए अपने काम को शुरू कर सकते है और आगे ले जा सकते है | आज तो डिजिटल क्रांति आ गयी है तो अपने प्रोडक्टो को प्रोमोट करना भी काफी आसान हो गया है अब तेजी से हम लोग फेसबुक और गूगल एड्स के जरिये विज्ञापन के द्वारा कोई भी ब्रांड प्रमोट कर सकते है और अपने व्यापार को नई ऊँचाइयों पर पहुंचा सकते है |

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