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नकारात्मक विचारों को ख़त्म कैसे करे | How To End Negative Thoughts In Hindi

आज मै आपको अपने दिमाग में पैदा होनेवाले नकारात्मक विचारों को ख़त्म कैसे करे इसके बारे में जानकारी बताने जा रही हूं | हर कोई व्यक्ती जब उसे कुछ काम नहीं होता है तो उसके दिमाग में नकारात्मक विचार आते है और उसे नकारात्मक सोचने के लिए मजबूर कर देते है | तो ऐसी ही नकारात्मक सोच हमे बर्बाद कर देती है | इस नकारात्मक सोच को ख़त्म नहीं किया तो आपको हमेशा पछताना पड़ेगा | नकारात्मक विचारों को ख़त्म कैसे करे | How To End Negative Thoughts In Hindi

How To End Negative Thoughts In Hindi

नकारात्मक विचारों को ख़त्म कैसे करे | How To End Negative Thoughts In Hindi

“हम चीजें जैसे नहीं देखते हैं, हम उन्हें देखते हैं जैसे हम हैं।” Anais Nin
“सकारात्मक मानसिक दृष्टिकोण होने के कारण यह पूछने के बजाय कुछ किया जा सकता है कि यह नहीं किया जा सकता है।” – बेनेट

यह सिर्फ एक विचार या भावना के साथ शुरू होता है। या शायद किसी और द्वारा बोली जाने वाली बात  के साथ। और फिर यह आपको नीचे खींचना शुरू कर देता है।

अपने आप के लिए खेद है, चिंतित या सोचने में “क्या कोई कार्रवाई करने का मुद्दा है?” जैसे आप अपने सिर के ऊपर अपने व्यक्तिगत बारिश वाले  बादल के साथ घूमते हैं।

नकारात्मकता जो आपके भीतर या आपके आस-पास की दुनिया में अच्छी तरह से विषाक्त हो सकती है और आपको जीवन जीने से रोक सकती है। तो आइये आज हम जानते है , आपके मन से नकारात्मक सोच को कैसे सकारात्मक में बदलते है |

1 ) जब आप नकारात्मक स्थिति की तरह दिखते हैं, तो यह पता लगाएं कि क्या अच्छा या सहायक है :-

यदि आप किसी के प्यार में असफल हो गए या फिर कोई विद्यार्थी परीक्षा में असफल होता है तो उसके दिमाग में नकारात्मक विचारों का एक विशाल पेड़ पैदा होता है और वो उसके दिमाग में पूरी तरह जकड़ जाता है | इस पेड़ को अगर जल्दी ना उखाड़ा गया तो आपका जीवन पूरा बर्बाद हो जायेगा |

इसे ख़त्म करने के लिए आप अपने आपको कुछ सवाल कीजिये जैसे ,

  1. इस स्थिति में अच्छी बात कौनसी हो सकती है ?
  2. मुझे अगली बार सफल होने के लिए क्या करना चाहिये ?
  3. मै इस से क्या सीख सकता हूं ?
  4. इस स्थिति में मेरा कौनसा दोस्त मेरी मदद कर सकेगा ?

 

2 ) विस्मरण करे :-

लोग जो कहते हैं या करते हैं उसके बारे में बहुत अधिक परवाह नहीं करते हैं।

नकारात्मक विचारों में पड़ना आसान होता है जब आप सोचते हैं कि लोग क्या कह सकते हैं या सोच सकते हैं कि आप कुछ करते हैं या नहीं करते हैं। और इसलिए आप अपनी व्यक्तिगत शक्ति को झपकी देते हैं और विश्लेषण पक्षाघात में खुद को फंसा सकते हैं।

इस तरह से आपका दिमाग नकारात्मक सोच में डूबता चला जाएगा | क्योंकि सच्चाई यह है कि लोगों के पास आपके द्वारा किए जाने वाले कार्यों के बारे में सोचने या बात करने के लिए इतना समय, ध्यान या ऊर्जा नहीं है। उनके हाथ और दिमाग उनके बच्चों, नौकरियों, पालतू जानवरों, शौक और उनके अपने भय और चिंताओं से भरा है ।

यह अहसास और विस्मरण आपको अपने दिमाग में पैदा होने वाली बाधाओं से मुक्त करने में मदद कर सकता है और आप अपने जीवन में जो गहराई से चाहते हैं उसके प्रति छोटे-छोटे कदम उठाने में मदद कर सकते हैं।

3 ) अपने मन को पूछो :-

एक बार मैंने सोचा था की मुझे कुछ करना है और आगे बढ़ना है और अपना नाम रोषण करना है लेकिन मैंने ये सवाल अपने दोस्तों के साथ बाँटना शुरू किया तो उन्होंने कहा की तू मत कर ये तुझसे नहीं होगा अगर तेरी ब्लॉग में पढ़ने वाले विजिटर नहीं मिले तो ? ऐसे कुछ सवालो ने मेरे दिमाग में नकारात्मक सोच का एक घर बना लिया था |

लेकिन उसके बाद मैंने अपने आप से पूछा की मै ये कर सकती हूं | अगर मै तालाब में न कूदी तो मै तैरना कैसे सीखूंगी | फिर मैंने ऐसी एक किताब पढ़ी जिस से मेरा मन बदल गया और मैंने इस ब्लॉग के शुरुवात की | अच्छीख़बर.कॉम पर भी मैंने कुछ जानकारी पढ़ी जिस से मैंने इस ब्लॉग को बनाने का पूरा निर्णय कर लिया | अगर मैंने अपने मन की बात नहीं मानी होती तो मै अपने विचार आप के साथ share नहीं कर पाती थी |

 

4 ) अपने आस-पास के नकारात्मकता को बदले :-

सबसे पहले आपको आपके आस-पास जो नकारात्मकता है उसे बदलना चाहिए | आप कही जाते हो तो या फिर आपको कुछ ऐसा काम पूरा करना है जो आपके घरवाले आपको बड़ा महसूस करेंगे | यह बात अगर आपने अपने दोस्तों के साथ बांटी हो तो वो कहते है की तू ऐसा मत कर , वैसा मत कर ये आपके बस की बात नहीं है ?

ऐसे सोचवाले दोस्तों से हमेशा दूर रहना चाहिये | मै हमेशा नकारात्मकता सोचवाले दोस्तों से दूर ही रहती हूं | मुझे सकारात्मक सोचना जिसने सिखाया उन्हें मै भगवान मानती हूं | उस भगवान का नाम है श्री. नामदेवजी राठोड़ | मै इनकी कदर बहोत करती हूं |

5 ) अपने दिमाग को बड़ा पहाड़ बनने से रोंके :-

अपने दिमाग में एक बड़ा राक्षस पैदा हो सकता है | अगर आपने नकारात्मक सोच को जल्दी ख़त्म नहीं किया तो आपका दिमाग एक बड़ा पहाड़ बन सकता है | इसलिए मैंने पहले ही बताया है की अपने आस-पास के नकारात्मकता को सबसे पहले बदलना चाहिए | अगर आप उसे नहीं बदल सकते हो तो उनके पास जाने से खुद को रोंके |

6 ) नकारात्मक विचारों को बाहर निकालो और बात करो :-

आपके मन और दिमाग में कोई नकारात्मक विचार है तो इसे अपने दिमाग से जल्दी से बाहर निकाल लीजिये नहीं तो आपको बड़ा पछताना पड़ेगा | सबसे पहले अपने नकारात्मक विचारों को अपने दिमाग से बाहर निकालो और उस पर बातचीत करना शुरू कीजिये | इस से आपका हल निकल जायेगा |

7 ) व्यायाम कीजिये :-

जब आपके मन में नकारात्मक सोच पैदा होती है तो मुझे उस सोच को कम करने के लिए मै कुछ न कुछ काम करती रहती हूं या फिर कभी-कभी मै व्यायाम भी करती हूं , जिस से मेरा काफी नकारात्मकता कम हो जाता है | 10-15 मिनट तक हरदिन व्यायाम करने से मेरा मन सकारात्मक हो जाता है |

यह मुझे मेरा आन्तरिक तनाव और चिंताओं से मुक्त करता है |

यह जानकारी आपका नकारात्मक विचार ख़त्म करने में बड़ी मदद करेगी | और मै आशा करती हूं की आज की मेरी जानकारी आपको पसंद आयी होगी | आप अपने दोस्तों से share करना न भूलिए |

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About the author

Srushti Tapase

मेरा नाम सृष्टि तपासे है और मै प्यारी ख़बर की Co-Founder हूं | इस ब्लॉग पर आपको Motivational Story, Essay, Speech, अनमोल विचार , प्रेरणादायक कहानी पढ़ने के लिए मिलेगी |
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