BIOGRAPHY सफ़लता की कहानी

मार्क ज़ुकेरबर्ग के सफ़लता की कहानी Mark Zuckerberg Biography In Hindi

Mark Zuckerberg Biography In Hindi मार्क एलियट ज़ुकेरबर्ग एक अमेरिकेन उद्यमी और सामाजिक नेट्वोर्किंग साईट फेसबुक के सह-स्थापना के लिए प्रसिद्ध व्यक्ति हैं। ज़ुकेरबर्ग ने फेसबुक की सह- स्थापना अपने सह-विद्यार्थियों डस्टिन मोस्कोवित्ज़, एडुँर्दो सवेरिन और क्रिस हुग्हेस के साथ मिलकर की थी जब वे सब में हार्वर्ड में नियमित रूप से जा रहे थे।

Mark Zuckerberg Biography In Hindi

मार्क ज़ुकेरबर्ग के सफ़लता की कहानी Mark Zuckerberg Biography In Hindi

Mark Zuckerberg ने Social Networking Facebook को अपने कॉलेज हॉस्टल के कमरे में ही बनाई थी। जैसे ही Facebook पर 250 Millions से ज्यादा Users बढ़ने शुरू हुए तबसे Mark Zuckerberg Billionaire बन गये। और इसके साथ ही एक फिल्म “The Social Network” के नाम से Facebook की Biography पर बन गई। और आज Facebook दुनिया की सबसे ज्यादा उपयोग की जाने वाली Social Networking साईट है।

Early Life Of Mark Zuckerberg:

Mark Zuckerberg का जन्म White Plains, New York में 14 मई 1984 को हुआ था। मार्क के पिता Edward Zuckerberg, एक दंत चिकित्सक है और मां, Karen Zuckerberg, एक मनोचिकित्सक है।प्राथमिक स्कूल में ही Mark का Programming में बहुत रूचि रही है। जब Mark लगभग 12 वर्ष एक थे तब उन्होंने Atari BASIC का उपयोग करके Messaging Program बनाया था जिसका Mark ने “Zucknet” नाम दिया था। Mark के पिता इस Program को अपने दाँतो का कार्यालय में उपयोग करते थे ताकी दन्त रोगी का स्वागत करने वाला (जो दन्त चिकित्सक के कार्यालय के बहार खड़ा होने वाला व्यति) कमरे में आकर चिल्लाए बिना एक नये रोगी की सुचना दे सके।

Mark ने जो Zucknet Program बनाया था उसे Mark का पूरा परिवार घर के भीतर बातचीत करने के लिए इस्तेमाल किया था।
फिर उसके बाद Mark ने उनके दोस्त के साथ मिलकर मनोरंजन के लिए कंप्यूटर गेम भी बनया था।

Mark की कंप्यूटर में बढती रूचि को बनाये रखने के लिए, Mark के माता-पिता ने पर्सनल कंप्यूटर के शिक्षक “David Newma” को हर सप्ते में एक बार घर आकर और Mark के साथ काम करने के लिए काम पर रखा।

इतना ही नहीं Mark ने अपने उच्च माध्यमिक स्कूल में एक बुद्धिमान मीडिया MP3 प्लेयर भी बनाया जिससे एक MP3 प्लेयर की लिस्ट बन जाती थी इस लिस्ट में अपने आप यूजर के एक्टिविटी से MP3 लिस्ट वही बनती जो Users अबी सुनना चाहता है।

2003 में Mark zuckerberg को गर्मी की शाम FaceMash बनाने का विचार आया। Mark ने हार्वर्ड के डेटाबेस को हैक करने का निर्णय लिया जहां कॉलेज स्टूडेंट अपनी प्रोफाइल फोटो अपलोड भी करते थे। Mark ने जल्द ही एक एसा प्रोग्राम बनाया जो ऑटो 2 फीमेल के इमेज Show करता है और उन पर वोटिंग चलाता है कि कौन इन दोनों में से ज्यादा Beautiful है। वोटिंग Website पर आने वाले लोगो के द्वारा की जाती है यानी Website पर आने वाले लोग वोटर्स होते थे।

इस वेबसाइट पर बहुत ही कम समय में बहुत ही ज्यादा लोग/ट्रैफिक आ गये थे। साईट पर ज्यादातर ट्रैफिक हार्वर्ड कॉलेज के छात्र थे। जायदा ट्रैफिक की संख्या बढ़ने पर सर्वर भी क्रेश हो गया था।

इस हादसे के बाद Mark पर हैकिंग करने का इल्जाम लगा था क्योंकि Mark ने फोटो को डेटाबेस हैक करके ही ली थी और Mark ने जो साईट बनाई थी जहा लडकियों की वोटिंग होती थी यह भी गलत था। तो इसके लिए Mark को कमेटी में बुलाया गया और सब Mark को कोई न कोई सुना ही रहा था, कि यह किया तो गलत है, वो किया तो इस पर आपका इसका इल्जाम लगता है लेकिन कोई भी यह कह नहीं रहा था की Mark ने इतनी मुस्किल काम को इतने कम समय में आसानी से कर दिया है तो Mark की इस बुद्धिमता को उपयोग में लिया जाए।

The Rise of Facebook:

और फिर अब आता है Mark का सबसे ही बड़ा प्रोजेक्ट, फेसबुक। जिसको पूरी दुनिया उपयोग करती है। Mark ने अपने बाकि प्रग्राम की तरह फेसबुक को भी बहुत कम समय में बना लिया था।
सबसे पहले Mark के पास सोशल नेटवर्क साईट बनाने का आईडिया लेकर दिव्य नरेन्द्र आया था। दिव्य नरेन्द्र ट्विन्स टाइलर और कैमरों विन्क्लेवोस का पार्टर था।

दिव्य नरेन्द्र ने Mark को सोशल साईट बनाने का कहा था जिसका नाम “Harvard Connection” होगा। नरेंद्र और जुड़वाँ विंकलेवोस के साथ एक प्राइवेट मीटिंग के बाद Mark ने इस काम को करने के लिए स्वीकार कर दिया था।

फिर उसी हार्वर्ड कनेक्शन पर काम करने के दौरान ही Mark को खुदकी एक सोशल साईट बनाने का एक बेहतरीन विचार आया।
और अपने इस बहतरीन आईडिया को आगे बढाने को लेकर ही फ़रवरी 2004 में Mark ने TheFacebook.com वेबसाइट का डोमेन नाम रजिस्टर कर लिया था जिसको आज Facebook.com के नाम से जाना जाता है।

Mark ने यह काम अपने मित्र Eduardo Saverin के साथ किया था। शुरू में फेसबुक के प्रोजेक्ट पर Eduardo ने ही इन्वेस्ट किया था।
जब फेसबुक पर 4000 ट्रैफिक हो गए तब Mark और उसके पार्टनर Eduardo ने कुछ और नए Programmers को काम पर लगाया जो Website पर अच्छे तरीके से काम करे।

और अब तक Mark के 503.6 Million Shares थे। और अब Zuckerberg कंपनी के वोट का लगभग 60% नियंत्रित करता है, 35% – eduardo Saverin, और 5% बाकि के नए पार्टनर। 2005 से Facebook को पुरे USA के सभी संस्थानों और विश्वविद्यालयो में उपयोग करने योग्य बन गई। Mark एक ही बात को मानते थे वो बस उनकी वेबसाइट Students के लिए है।

Facebook पर बहुत तेज़ी से ट्रैफिक बढ़ने लगे और जैसे ही 50 मिलियंस ट्रैफिक हुए फिर एक बड़ी कंपनी Yahoo! ने Mark से Facebook को खरीदने का ऑफर किया। सबसे पहला ऑफर Yahoo! ने 900 मिलियंस डॉलर फेसबुक के लिए ऑफर किया था। हलाकि यह बहुत बड़ी रकम है लेकिन Mark ने इस ऑफर को पूरा नहीं किया।

इसके साथ ही Facebook बहुत ही आगे बढ़ने लगी और धीरे-धीरे यह पूरी दुनिया के कोने कोने में उपयोग होने लगी। और आज फेसबुक पूरी दुनिया की सबसे बड़ी सोशल साईट है, जिस पर हर इन्टरनेट यूजर अकाउंट बनता/बनती ही है।
और साथ ही आज Mark Zuckerberg पूरी दुनिया के सबसे बड़े Yongest Billionairs मे से एक है।

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Srushti Tapase

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